अशफाक़ रहमान ने लॉकडाउन पर किया सवाल खड़ा,कहा: माफी मांगने से कुछ नहीं होने वाला

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*लॉकडाउन की नाकामी के लिए प्रधानमंत्री को लेनी होगी ज़िम्मेवारी

* गरीब-मज़दूर के साथ बंद हो खिलवाड़

* तुरंत राहत पहुंचाने का हो इंतेज़ाम

पटना(उमेश सिंह)जनता दल राष्ट्रवादी ने बिना तैयारी के लॉकडाउन पर सवाल खड़ा किया है.जेडीआर के संयोजक अशफाक़ रहमान कहते हैं कि आज प्रधानमंत्री के माफी मांगने से कुछ नहीं होने वाला है.लॉकडाउन की नाकामी के लिए उन्हें ज़िम्मेवारी लेनी होगी.गरीब-मज़दूर के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिये.जिस तरह से लाखों मज़दूर पलायन के लिए मजबूर हुए,वह भयावह हालात पेश कर रहे हैं,1947 के जैसा स्तिथि उत्पन्न हो गयी है.हर शख़्स भूखे-प्यासे इधर से उधर भाग रहा है और उसके रहने-खाने का सरकार सही प्रबंध नहीं कर पा रही है.देश में एनआरसी और एनपीआर लागू होने के बाद ऐसे ही कुछ हालात उत्पन्न हो जायेंगे.जब जीवन आशंकाओं-संकटों में घिर जाता है तो स्तिथि बेक़ाबू हो जाना लाज़मी है.

अशफाक़ रहमान का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकारों ने ग़रीबों के लिए राहत पैकेज का एलान किया है मगर उन तक राहत पहुंच नहीं पा रही है.राहत कब मिलेगी,कैसे मिलेगी?किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा है.जिसका नतीजा है कि लोग घरों से निकल कर सड़कों पर आ गये हैं.कोरोना बहुत ही ख़तरनाक बीमारी है.यह छूत से बढ़ती है.सामाजिक दूरी बना कर ही इसे हराया जा सकता है.कोरोना से कितने लोग मरेंगे,कोई नहीं बता सकता मगर बेरोज़गार हुए गरीब-मज़दूरों केलिए भोजन की व्यवस्था नहीं की गयी तो भूख,घबराहट से कई लोग मर जायेंगे.जनता दल राष्ट्रवादी मांग करती है कि लॉकडाउन को सफल बनाना है,कोरोना को हराना है तो परेशानहाल जनता को तुरंत राहत पहुंचाया जाय.ताकि,यह भी पंद्रह लाख खाते में जाने जैसा जुमला साबित न हो.पलायन की स्तिथि को भी अविलंब रोकना होगा.ताली और थाली पिटवाने से हालात नहीं बदल जायेंगे.इसके लिए सरकार को धरातल पर काम करना होगा और तब प्रधानमंत्री को माफी नहीं मांगनी होगी.

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