उलेमा की अपील के बाद लाखों मस्जिदों में लॉक डाउन ,आज नहीं होगी जुमे की नमाज़

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सेराज अनवर

पटना:कोरोना वायरस के ख़तरे के मद्देनज़र देश भर की लाखों मस्जिदों में ताले पड़ गये हैं,पांच वक़्त नमाज़ की रफ़्तार रुक गयी है.मस्जिदों से एलान हो रहा है नमाज़ घर पर पढ़ें.आज जुमा है.इस्लाम में जुमे को अफजल बताया गया है.मुसलमानों के लिए हफ्ते में यह ख़ास दिन होता है.जो पांच वक़्त नमाज़ अदा नहीं करते,आज के दिन मस्जिद में जुमे की नमाज़ ज़रूर अदा करता है.मस्जिदों में नमाज़ियों की आम दिनों के मुक़ाबले कई गुणा अधिक भीड़ होती है.मगर देश के इतिहास में आज पहली जुमा है,हिंदुस्तानी मुसलमान मस्जिदों में नमाज़ अदा नहीं करेंगे.

मुसलमानों के बड़े धार्मिक इदारे आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड,जमियतुल उलेमा,इमारत ए शरिया,दारूल उलूम देवबंद,आईम्मा मसाजिद(इमाम संगठन)बिहार,शाही इमाम जामा मस्जिद फतेहपूरी,बिहार राज्य सुन्नी वक़्फ बोर्ड आदि ने मुसलमानों से अपील की है कि नमाज़ ए जुमा घरों पर अदा करें.पटना में जुमे की सबसे बड़ी नमाज़ जंक्शन मस्जिद में होती है.सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड ने यहां चार दिन पूर्व तालाबंदी कर दिया है.कोतवाली मस्जिद,हाईकोर्ट मज़ार,फ़कीरबाड़ा,करबिगैहिया मस्जिद भी सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड के अधीन है.

बोर्ड के चेयरमैन मोहम्मद इरशादुल्लाह ने सभी मस्जिदों को एहतियात बरतते हुए उलेमा की अपील से पहले ही लॉकडाउन कर दिया.इरशादुल्लाह ने बताया की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जबरन मस्जिद बंद कराने के पक्ष में नहीं थे.उन्होंने गृहसचिव आमिर सुभानी और मुझे ज़िम्मेवारी सौंपी की अपने तौर से इसे देख लें.हम लोगों ने मस्जिद के इमामों के साथ बैठक की और कोरोना से उत्पन्न हालात से आगाह किया.आईम्मा मसाजिद ने इसे गंभीरता से लिया.इमाम संगठन की ओर से सभी मसाजिद के माईक से लोगों को मस्जिद नहीं आने की गुज़ारिश की जा रही है.पटना पुलिस भी सक्रीय है.गस्ती गाड़ी से मुस्लिम मोहल्लों में लोगों से घरों में रहने को कहा जा रहा है.

बिहार के अनेक जिले गया,सहरसा,नवादा,सिवान,जहानाबाद,शिवहर,मधुबनी ,दरभंगा,छपरा आदि से भी नमाज़ ए जुमा निलंबित होने की सूचना मिल रही है.चंदन मियां मस्जिद कागजी मोहल्ला सिवान की मैनेजिंग कमिटी की आपात बैठक बुलाई गई,जिसमें फैसला लिया गया कि देश की स्थिति सामान्य होने तक धार्मिक स्थलों पर भीड़ न लगायें और घर से ही नमाज़ अदा करे.बैठक की अध्यक्षता कर रहे जिला अवक़ाफ कमिटी के उपाध्यक्ष इरशाद अहमद ने जिला भर की मस्जिद कमिटियों से भी आग्रह किया कि इस पर अमल करें.बैठक में उपस्थित समाजसेवी मुमताज़ अहमद,जियाउल हमीद, मेराज उद्दीन अहमद तथा जफर अहमद ने कहा कि देश बहुत बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है ।आइए हम सभी मानवता के हित में कोरोना को हराने के लिए संकल्प लें.

नवादा जिले के नरहट प्रखंड के छोटा शेख़पुरा में स्थित प्राचीन सूफी संस्था’ख़ानक़ाह ए चिश्तिया के गद्दीनशीं हजरत मौलाना ऐन उद्दीन चिश्ती ने ख़ानक़ाहों, मस्जिदों से अपील जारी कर कहा है कि प्रत्येक शुक्रवार को मस्जिदों में अदा की जाने वाला सामूहिक प्रार्थना को लॉक डाउन ,के दौरान जमाएत में अदा न करें और अपने अपने घरों में रहकर व्यक्तिगत रूप से इसे अंजाम दें.

इमारत शरिया के कार्यवाहक नाज़िम मौलाना शिब्ली अल क़ासमी ने कहा है कि देश और पूरी दुनिया जिस स्थिति से गुज़र रही है पिछ्ले दिनों इस की कोई मिसाल नहीं मिलती.ऐसी स्थिति मैं हमारी जिम्मदारी यह है कि सरकार और डॉक्टर की निर्देश पर भी अमल करें और खुद भी अपनी ज़िम्मेदारियों को अदा करें और एक जिम्मेदार व्यक्ति होने की वजह से समाजी ज़िम्मेदारी भी अदा करें कि घरों में रहें ताकि समाज और सोसाइटी इस आपदा और परेशानी से बच सके.हमारे इस पर ध्यान ना देने की वजह से लाखों लोगों, इन्सानों की ज़िंदगी को खतरा हो सकता है.नमाज़ भी घर में अदा करें .किसी ज़रूरी काम के इलावा घर से ना निकलें इमाम साहब कुछ लोगों को लेकर जमात कर लें और बाक़ी लोग जुमा की जगह ज़ुहर की नमाज़ घरों में अदा करें और ज़िम्मेदार शहरी होने का सुबूत दें.

जमियतुल उलेमा के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने मुसलमानों से मस्जिद में जमा होने से परहेज़ करने को कहा है.मालूम हो कि गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक़ सभी धर्म स्थल आवाम के लिए बंद रहेगा.आदेश के उल्लंघन की स्तिथि में प्राथमिकी दर्ज होने और सज़ा का प्रावधान है.

जामा मस्जिद फतेहपूरी मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती मुकर्रम ने कहा है कि अपने आपको हलाकत में डालने का अल्लाह हुक्म नहीं देता है.एहतियात बरतें,घरों में रहें.जुमे की नमाज़ घर में पढ़ सकते हैं.शरीयत में इसकी रियायत है

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