चौधरी कन्हैया प्रसाद सिंह आरोही की 83 वीं जयंती मनायी गयी;किसी ने निराला तो किसी ने उन्हें तुलसी बताया

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Ara(मनीष)साहित्य और संस्कृति से सनी आरा में चौधरी कन्हैया प्रसाद सिंह आरोही की 83 वीं जयंती का आयोजन चौधरी कन्हैया प्रसाद सिंह आरोही स्मृति संस्थान आरा के तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ नीरज सिंह, सेवानिवृत्त भोजपुरी विभागाध्यक्ष,वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय ने की तथा मुख्य अतिथि डॉ महामाया प्रसाद विनोद थे। उक्त अवसर पर चौधरी कन्हैया प्रसाद सिंह आरोही स्मृति सम्मान 2021 से डॉ अमर सिंह (आरा), डॉ महामाया प्रसाद विनोद (पटना) और जितेन्द्र कुमार (आरा) को सम्मानित किया गया। साथ ही उक्त अवसर पर चौधरी जी रचित माटी करे पुकार एवं भोजपुरी इनसाइक्लोपीडिया भाग 2 तथा कनक किशोर रचित हरियरी रोपित हथेली का विमोचन किया गया।
उक्त आयोजन में मुख्यरूप से उपस्थित बलराज ठाकुर, जितेन्द्र कुमार, नन्द जी दुबे, डॉ रणविजय सिंह, रामचन्द्र निठुर, डॉ किरण कुमारी, डॉ रेणु मिश्रा, डॉ ममता मिश्रा, विश्वनाथ शर्मा ने चौधरी कन्हैया प्रसाद सिंह के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए चौधरी जी के साथ संस्मरण भी शेयर किया। डॉ नीरज सिंह ने कहा कि आज नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का जन्मदिन है पर आप पायेंगे कि नेताजी का टेम्परामेंट एवं कमिटमेंट जो आजादी के प्रति था वही चौधरी जी का भोजपुरी के प्रति था। उन्होंने कहा कि चौधरी जी के नहीं रहने के बाद आरा का भोजपुरी साहित्य संगठन कमजोर हुआ है जिसे ठीक करना हम सबों का कर्त्तव्य है। जितेन्द्र कुमार ने माटी करे पुकार एवं हरियरी रोपत हथेली के रचनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भोजपुरी इनसाइक्लोपीडिया भाग 1 एव 2 के कोष का चौधरी जी के कार्यकलाप से मैं अवगत था पर कृति देख दुख हो रहा है कि प्रकाशक उनके अनुपस्थिति का किस कदर फायदा उठाया है। यह गलत परिपाटी की शुरुआत है जिस पर चुप रहना उसे प्रश्रय देना होगा।किसी ने चौधरी जी को भोजपुरी का निराला तो किसी ने तुलसी बताया। उनके विविध विधा पर लेखन एवं नये नये प्रयोग को सभी वक्ताओं ने प्रशंसा की। मंच संचालन रामदास राही, स्वागत भाषण कनक किशोर एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ अजय ओझा ने किया। डॉ अजय ओझा ने कहा कि अगले वर्ष से आरोही जयंती भोजपुरी फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित किया जाएगा।

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