विद्यालय स्वास्थ्य कार्यक्रम रखेगा बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य का ख्याल

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• प्रथम चरण में बिहार के 5 आकांक्षी जिलों में होगी शुरुआत
• 8 जनवरी तक चलेगा राज्य संसाधन सेवियों का प्रशिक्षण
• अगले वर्ष बिहार के 8 अन्य आकांक्षी जिलों में होगा क्रियान्वयन
• आयुष्मान भारत योजना के तहत विद्यालय स्वास्थ्य कार्यक्रम की हुयी है शुरुआत

Patna: आज से बिहार में विद्यालय स्वास्थ्य कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया जिसका उद्देश्य विद्यालय जाने वाले बच्चों का ज्ञान बढ़ाना, सकारत्मक दृष्टिकोण विकसित करना, जीवन कौशल वर्धन करने के लिए बच्चों के बीच उत्तरदायी और स्वास्थ्य व्यवहार को बढ़ावा देना है.
इस कार्यक्रम को राज्य के विभिन्न चरणों में लागू किया जाना है. प्रथम चरण में 5 आकांक्षी जिलों में( गया, जमुई, पूर्णिया, कटिहार एवं सीतामढ़ी) इस कार्यक्रम को क्रियान्वित किया जाएगा.वहीं अगले वित्तीय वर्ष 2021-22 में राज्य के 8 अन्य आकांक्षी जिलों में क्रियान्वित किया जाएगा. उसके उपरांत राज्य के शेष सभी जिलों में कार्यक्रम की शुरुआत होगी. उक्त बातें राज्य शिक्षा शोध एवं परीक्षण परिषद्(एससीईआरटी) के निदेशक गिरिवर दयाल सिंह ने बुधवार को एससीईआरटी भवन में विद्यालय स्वास्थ्य कार्यक्रम की अधिकारिक शुरुआत करते हुए कही.

प्रखंड एवं जिला स्तर पर भी होगा प्रशिक्षण:

निदेशक गिरिवर दयाल सिंह ने बताया यह कार्यक्रम विभिन्न कार्यक्रम जैसे- किशोरावस्था शिक्षा, जीवन कौशल, राष्ट्रीय जनसंख्या शिक्षा परियोजना तथा योग, विकास, स्वास्थ्य और भलाई को बढ़ावा देने हेतु सामंजस्य स्थापित करता है. नोडल एजेंसी एससीईआरटी पटना के द्वारा विद्यालय स्वास्थ्य कार्यक्रम के क्रियान्वयन हेतु विस्तृत कैस्केंडिंग प्रशिक्षण योजना बनायी गयी है. इसको लेकर 5 जनवरी से एससीईआरटी, पटना में 75 राज्य संसाधन सेवियों(एसआरजी) का रिफ्रेशर प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जो 8 जनवरी तक चलेगा. यह प्रशिक्षण महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रशिक्षित एसआरजी प्रत्येक प्रखंड से 4 प्रतिभागी( कुल 324) को प्रखंड साधन सेवी के रूप में जिला स्तर पर प्रशिक्षित करेंगे. साथ ही 5 आकांक्षी जिलों के कुल 5128 ( मध्य, माध्यमिक और उच्चतर) के विद्यालय के प्रधानाध्यापक का 2 दिवसीय एवं दो-दो ( कुल 10256) शिक्षकों को स्वास्थ्य एवं आरोग्य दूत के रूप में प्रशिक्षण किया जाना है. सभी प्रशिक्षण को 20 फरवरी 2021 तक पूरा करने की योजना है. यह कार्यक्रम कक्षा 6 से 12 में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए विशेष तौर पर है.

किशोरावस्था में पोषण एवं स्वास्थ्य भी महत्वपूर्ण कड़ी:
इस अवसर पर राज्य स्वास्थ्य समिति के राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के राज्य कार्य्रकम पदाधिकरी डॉ. परमेश्वर प्रसाद ने कहा यह माना जाता है कि बचपन और किशोरावस्था जीवन के सर्वाधिक महत्वपूर्ण चरण हैं जो सही जानकारी एवं ज्ञान के आधार पर उनके व्यवहार को परिमार्जित करना आसान है. इसलिए इन आयु समूहों के साथ काम करना बहुत आवश्यक है ताकि उनमें निवेश करके सार्वजानिक स्वास्थ्य लाभ हासिल किया जा सके. इस कार्यक्रम के तहत 6 से 12 में अध्ययनरत विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, भावनातम्क कल्याण एवं मानसिक स्वास्थ्य ,पारस्परिक संबंध, मूल्य और उत्तरदायी नागरिकता ,जेंडर समानता एवं पोषण स्वास्थ्य और स्वच्छता पर जोर होगा.

केयर इंडिया के किशोर स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. प्रभुदास ने बताया विद्यालय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 5 जरूरी सेवाओं को शामिल किया गया है, जिसमें विद्यालय स्वास्थ्य संवर्धन गतिविधियाँ, स्वास्थ्य जाँच, स्वास्थ्य सेवाओं का प्रावधान, इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड एवं आपातकालीन देखभाल हेतु प्रशिक्षण जैसी सेवाएं शामिल हैं.

वहीं एससीईआरटी के संयुक्त निदेशक हिमांशु कुमार ने कार्य्रकम के आयोजन में निदेशक गिरिवर दयाल सिंह के कुशल नेतृत्व की सराहना की. उन्होंने कहा यह कार्यक्रम स्कूली बच्चों के शिक्षा एवं स्वास्थ्य के बीच सामंजस्य स्थापित करने में प्रभावी साबित होगा.

आयुष्मान भारत के तहत शुरू हुआ है कार्यक्रम:

माननीय प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत के तहत विद्यालय स्वास्थ्य कार्यक्रम का शुभारम्भ 14 अप्रैल 2018 को किया था. यह विद्यालय जाने वाले बच्चों के स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ाने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय( एमएचआरडी) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का एक संयुक्त कार्यक्रम है. एनसीईआरटी, नई दिल्ली द्वारा राज्य के स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के 90 राज्य संसाधन सेवियों( एसआरजी) को प्रशिक्षित भी किया गया है.
इस कार्य्रकम को सफ़ल बनाने में यूएनएफपीए एवं केयर इण्डिया सहयोग प्रदान कर रहे हैं. साथ में किशोर स्वास्थ्य पर कार्य करने वाले अन्य सहयोगी संस्थाओं भी इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन में सहयोग करेंगे.
इस दौरान यूएनएफए के डॉ. नदीम नूर, एससीईआरटी की विभा रानी, शिवनाथ एवं किरण के साथ केयर इंडिया के अधिकारी एवं सेंटर फॉर केटालाईजिंग चेंज के संदीप ओझा भी उपस्थित थे.
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