गया:मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज में सत्ता संघर्ष,सरकार बचाने और गिराने की चल रही है क़वायद

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सेराज अनवर

गया:मध्य बिहार का सबसे बड़ा अल्पसंख्यक संस्थान मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज में फिर से सत्ता संघर्ष छिड़ गया है.एक सप्ताह पूर्व इसकी शुरुआत शासी निकाय के सचिव शब्बी शमशी के विरुद्ध ग्यारह में से छह सदस्यों द्वारा अविश्वास जताने से हुआ.कल इस पर वोटिंग होनी है.जीबी अध्यक्ष आज़ाद खान ने गुरुवार को अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक बुलायी है.सरकार बचाने और सरकार गिराने का खेल चरम पर है.मिल रही सूचना के मुताबिक़ कई जगहों पर गुप्त मीटिंग चल रही है.जीबी सदस्यों को तोड़ने और जोड़ने का काम चल रहा है.दिलचस्प बात यह है कि शब्बी शमशी की सत्ता को चुनौती उनके प्रिय मित्र शाह ज़मां अनवर ने दी है,शाह ज़मां अनवर जीबी के उपाध्यक्ष हैं.यदि शब्बी की सरकार गिरती है तो अगला सचिव शाह ज़मां अनवर हो सकते हैं.यह हर ज़ुबान पर है.ज़मां ने आरोप लगाया है कि जीबी के सदस्यों में सख़्त बेचैनी है.हम सचिव बदलना चाहते हैं.उधर जोड़तोड़ के माहिर सचिव शब्बी शमशी ने अविश्वास मीटिंग से पूर्व मंगलवार को बैठक बुला कर अविश्वास प्रस्ताव को निरस्त कर दिया है.बताया जा रहा है कि मीटिंग में पांच सदस्य मौजूद थे.शब्बी पर तानाशाही का आरोप लगता रहा है मगर उनके काम की सराहना अधिक्तर लोग करते हैं.मिर्ज़ा ग़ालिब में सत्ता संघर्ष की रिवायत पुरानी है.जिसको सत्ता से हटाया जाता है,अपनी सत्ता बचाने के लिए बाद में उसी से गठजोड़ भी कर लिया जाता है.अब देखना शेष है कि आज से कल तक किसके साथ किसका गठजोड़ बनता है.वैसे गया शहर को इससे कोई लेना देना नहीं है.लोगों का कहना है कि हम्माम में सब नंगे हैं.

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