नीतीश ने खेला मुस्लिम कार्ड:भागलपुर दंगा से लेकर उर्दू से मुहब्बत का दिया हवाला

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पटना(सेराज अनवर)टिकट बंटवारा में मुसलमानों को तरजीह देने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को खुल कर मुस्लिम कार्ड खेला.निश्चय संवाद के जरिए वर्चुअल रैली में आज पांच जिलों की 11 विधानसभा क्षेत्रों को संबोधित करते हुए उर्दू से मुहब्बत का इज़हार किया.कहा कि बचपन में उर्दू सीखने की बड़ी तमन्ना थी,मगर कोई पढ़ाने वाला मिला ही नहीं.उन्होंने भागलपुर दंगा को भी कुरेदा ,दंगाईयों को जेल और पीड़ितों को न्याय की दुहाई दी.कहा,हमने अल्पसंख्यकों की सेवा की. वर्चुअल रैली के दौरान नीतीश ने अल्पसंख्यकों के लिए किए गए कामों का हवाला दिया. उन्होंने भागलपुर दंगा पीड़ितों की सेवा का उदाहरण देकर विपक्षियों पर जोरदार हमला बोला. कहा विपक्षियों को सेवा से नहीं मेवा से मतलब है.भागलपुर दंगे के बाद जब हमें सरकार में आने का मौका मिला तो आयोग का गठन कराया. केस चले. पीड़ित परिवारों को राहत दिलाई. उन्होंने आगे कहा हमारी सरकार ने अल्पसंख्यक युवाओं और महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं चलाई.साथ ही हम उर्दू की पढ़ाई सब जगह करना चाहते हैं. उर्दू हमारी द्वीतीय भाषा है. हम तो बचपन में पढ़ना चाहते थे लेकिन कोई पढ़ाने वाला नहीं था. जब कोई उर्दू पढ़ लेगा तो उसकी भाषा का विकास होगा.

जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को अपने चुनाव प्रचार का आगाज किया था, जिसके बाद आज एक बार फिर उन्होंने वर्चुअल रैली की. उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते इस बार समय कम है और हर जगह जाना मुमकिन नहीं है लेकिन कल से हम लोगों के बीच जाना शुरू कर रहे हैं. साथ ही तकनीक के माध्यम से लोगों से जुड़ रहे हैं.नीतीश ने परिवारवाद पर भी जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा कुछ लोगों के लिए पति-पत्नी ही परिवार है. हमारे लिए सेवा ही धर्म है. हमारे लिए पूरा बिहार ही परिवार है.हम सबकी सेवा करते हैं. कुछ लोग सेवा-सेवा बोलते रहते हैं लेकिन बस मेवा खाना चाहते हैं.

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