गुरुआ की एमआईएम प्रत्याशी कोशिला देवी का नामांकन रद्द होने का मामला चुनाव आयोग पहुंचा.

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पटना:(मंथन डेस्क)गया जिले के गुरुआ विधानसभा क्षेत्र से एआईएमआईएम की प्रत्याशी कोशिला देवी का नामांकन रद्द होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है.आरोप है कि अनुमंडल पदाधिकारी ने गुमराह कर ग़लत तरीक़े से नामांकन करा दिया.कोशिला देवी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिख कर इसकी शिकायत की है तथा कहा है कि अनपढ़ (निरक्षर) महादलित अनुसूचित जाती की महिला होने की वजह से अनुमंडल पदाधिकारी, गया सदर – सह – निर्वाचन पदाधिकारी, 225 बिहार विधान सभा क्षेत्र गुरुआ (जिला गया) के द्वारा गलत सलाह पर नामांकन किये जाने के कारण मेरा नामांकन रद्द हो गया,इसके लिए निर्वाचन पदाधिकारी को दोषी मानते हुए मेरा नामांकन पुनः कराया जाये.कोशिला ने निर्वाचन आयोग को लिखे पत्र में कहा है कि

महाशय , 

मैं, कोशिला देवी, पति – विनेश्वर मंडल, पता – ग्राम राजन, अंचल – गुरुआ, जिला – गया की निवासी हूँ, सादर सूचित करते हुए निवेदन करना चाहती हूँ की मैंने 225 गुरुआ विधान सभा क्षेत्र से प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया था जिसे साजिश के तहत अनुमंडल पदाधिकारी, गया सदर – सह – निर्वाचन पदाधिकारी, 225बिहार विधान सभा क्षेत्र गुरुआ (जिला गया) के द्वारा नामांकन रद्द कर दिया गया। मैं एक अनपढ़ (निरक्षर) महादलित अनुसूचित जाती की महिला हूँ, मुझे जैसी सलाह अनुमंडल पदाधिकारी, गया सदर – सह – निर्वाचन पदाधिकारी के द्वारा दी गई  मैंने उन सभी का पालन किया नामांकन फॉर्म भरने के लिए। मैं अपने 10 प्रस्तावक को भी साथ ले कर गई थी फॉर्म में विवरण के साथ, किन्तु अनुमंडल पदाधिकारी, गया सदर – सह – निर्वाचन पदाधिकारी, के द्वारा ही मुझे जान बूझकर अन्य प्रत्याशियों की मिली भगत से गलत सलाह दी गई, की, चूँकि मैं बिहार के बाहर की पार्टी ऑल इंडिया मजलिसे इतेहादुल मुसलमीन पार्टी की जनरल सीट पर महादलित प्रत्याशी हूँ इसलिए मुझे केवल एक प्रस्तावक ही लगेगा, तो मैंने अपने फॉर्म को उसी तरीके से फिर से भरा और जमा कर दिया। मैंने जो दस प्रस्तावक वाला फॉर्म लगाया था, मैं उसकी छाया प्रति संलग्न कर रही हूँ इस आवेदन के साथ। जान बुझ कर मुझ महादलित महिला का जनरल सीट पर ऑल इंडिया मजलिसे इतेहादुल मुसलमीन पार्टी चुनाव लड़ना जहाँ सबसे ज्यादा दलित वोट है लेकिन जनरल सीट है, इसलिए अन्य प्रत्याशी और अनुमंडल पदाधिकारी, गया सदर द्वारा सुनियोजित ढंग से मेरे महादलित होने की वजह से पक्षपात करते हुए मेरा नामांकन रद्द कर दिया गया। 

अतः श्रीमान से अनुरोध है की उक्त विषय की गंभीरता को देखते हुए त्वरित विधिक कार्यवाही करने की असीम कृपा न्याय किया जाए एवं नामांकन पुनः कराया जाए अन्यथा दुबारा सभी प्रक्रिया को पुनः कराया जाए ताकि भारतीय संविधान द्द्वारा प्रदत अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए मुझे अपनी किस्मत आजमाने का मौका दिया जाए।इसकी प्रति जिला पदाधिकारी गया को भी संलग्न की गयी है.

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