मुस्लिम उम्मीदवारी:नीतीश मार ले गये बाज़ी,महागठबंधन से मुसलमान मायूस

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सेराज अनवर

पटना:बिहार में मुसलमान सत्रह प्रतिशत के क़रीब है.आबादी की कसौटी पर इस समुदाय का किसी भी गठबंधन में चालीस उम्मीदवारी बनती है.मगर प्रत्याशी का पैमाना प्रतिशत से नहीं तुलनात्मक दिखाया जाता है कि फलां गठबंधन या पार्टी के मुक़ाबले फलां ने इतना मुस्लिम उम्मीदवार उतारा.इसी पसमंज़र में नीतीश कुमार का डंका बज रहा है.जदयू ने अप्रत्याशित रूप से ग्यारह मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में उतारा है.जदयू राजग का मेजर पार्ट है.भाजपा के साथ है.जदयू 115 सीटों पर चुनाव लड़ रही है.भाजपा,हम और वीआईपी भी इसी गठबंधन के हिस्सा हैं.भाजपा ने अभी तक किसी मुस्लिम को प्रत्याशी नहीं बनाया है.प्रधानमंत्री मोदी का नारा “सबका साथ-सबका विकास”सिर्फ कहने को है.पार्टी ने अपने इकलौते उम्मीदवार अजफ़र शम्शी का टिकट काट दिया है.भाजपा 112 निर्वाचन क्षेत्र में भाग्य आज़मा रही है.पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के खाते में सात सीट गयी है.हम ने इस बार एक भी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया है.मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी भी मुस्लिम को उतारेगी इसमें भी संदेह है.कुल मिला कर एनडीए में ग्यारह मुसलमानों को अकेले जदयू ने ही टिकट दिया है.

1.सिकटा से खुर्शीद उर्फ फिरोज़ अहमद
2.शिवहर से मोहम्मद शरफुद्दीन
3.अररीया से शगुफ्ता अजीम
4.ठाकुरगंज से नौशाद आलम
5.कोचाधाम से मुजाहिद आलम
6.अमौर से सबा जफर
7.दरभंगा ग्रामीण से फराज फातमी
8.कांटी से मो० जमाल
9.डुमराव से अंजुम आरा
10.मढ़ौरा से अलताफ राजु
11.महुअ से आसमा परवीन को पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है.जदयू का मुसलमानों में जय-जयकार इस लिए हो रहा है कि भाजपा का साथी होने के बावजूद मुसलमानों को पार्टी ने मुनासिब हिस्सेदारी दी है.जबकि,यह तल्ख़ हक़ीक़त है कि लालू प्रसाद के मुक़ाबले नीतीश कुमार को मुसलमान उतना दिल खोल कर हिमायत नहीं करते.नीतीश को शायद इसका गिला-शिकवा नहीं है.हालांकि,कई मौक़ों पर उन्होंने समुदाय को इस बात का अहसास ज़रूर कराया है.नीतीश फिलहाल महागठबंधन पर बाज़ी मार गये हैं.राजद ने अभी तक मात्र चार मुसलमानों को मैदान में उतारा है.गोविंदपुर से मोहम्मद कमरान,रफीगंज से नेहाल उद्दिन,बरौली से रेयाजुल हक़ राजू,बांका से जावेद इक़बाल अंसारी का नाम शामिल है.राजद माय के भरोसे राज करता रहा है.मुसलमानों के बेग़ैर राजद का वजूद क्या है?कांग्रेस ने तो हद ही कर दी.मुसलमान इस पार्टी के कोर वोट है.जारी 42 उम्मीदवारों की सूची में मुसलमान दूर-दूर तक नहीं है.महागठबंधन से माले 19 सीट पर चुनाव लड़ रही है.इस वामपंथी पार्टी ने तीन मुसलमानों को टिकट दिया हैं.बलरामपुर से महबूब आलम,औराई से आफ़ताब आलम और आरा से क़यामुद्दीन को उम्मीदवारी मिली है.भाकपा 6 और माकपा 4 सीट पर चुनाव लड़ रही दोनों ने मुसलमानों को टिकट नहीं दिया है.यदि राजद और माले के मुस्लिम उम्मीदवारों को जोड़ भी दें तो जदयू फिलहाल चार सीट से बढ़त बनायी हुई है.रोहतास की बाईस सीटों में आरा से अनवर आलम इकलौते मुस्लिम विधायक थे.उन पर किसी तरह का आरोप भी नहीं था.राजद ने उनका टिकट काट दिया.जबकि संदेश के विधायक अरुण यादव सेक्स स्कैंडल का आरोपी है,फरार चल रहा है राजद ने उनकी पत्नी किरण देवी को प्रत्याशी बनाया ,अनवर यह बर्दाश्त नहीं कर पाये,एक बैठक में बेहोश हो कर गिर पड़े,हृदयगति रुकते-रुकते बची,अस्पताल में पड़े हैं.

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