आरा:स्वतंत्रता आंदोलन के महान प्रचारक विट्ठल भाई पटेल की जयंती मनी

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आरा(मनीष)नूतन विचार मंच आरा भोजपुर के तत्वावधान में मानसरोवर कॉलोनी, अस्पताल रोड कार्यालय में विट्ठल भाई पटेल की 148 वी जयंती राजेंद्र ठाकुर की अध्यक्षता में मनाई गई। बैठक में उपस्थित लोगों ने विट्ठल भाई पटेल के तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा इनके जीवन वृत्त को विस्तार से रखा। इस गोष्टी के संयोजक आनंद मोहन सिन्हा ने बताया कि विट्ठलभाई एक प्रख्यात विधान वेता ,वक्तृत्व कला के आचार्य और स्वतंत्रता आंदोलन के महान प्रचारक थे। जिनके रोम रोम में राष्ट्र भक्ति तथा समाज सेवा कूट-कूट कर भरा था।
मुख्य वक्ता कृष्णा जी ने कहा कि मुंबई लेजिसलेटिव असेंबली का सभापतित्व स्वीकार करने के बाद निश्चय कर लिया था कि मेरे वेतन से खर्च के बाद बचत होगी उसकी उसको राष्ट्रीय जनोपयोगी कार्य में उपयोग करूंगा ।अपने अध्यक्षीय भाषण में राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि भारतीय राजनीति में बड़े आदर से विट्ठल भाई का नाम लिया जाता रहेगा। बैठक में देवेंद्र प्रसाद अधिवक्ता,विजय शंकर तिवारी,डॉक्टर जयप्रकाश नारायण ,डॉक्टर दिनेश प्रसाद सिन्हा , प्रभा सिंहा ,सुरेंद्र पटेल आदि उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन देवेंद्र प्रसाद अधिवक्ता द्वारा किया गया ।
दूसरे सत्र में एक गोष्ठी का आयोजन वर्तमान राजनीति एवं विट्ठल भाई पटेल विषय पर डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ ।इसमें प्रो विजय शंकर तिवारी ने बताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में वैसे लोगों को ऑल मत दिया जाए जो ईमानदार तथा सामाजिक कार्यों के प्रति समर्पण की भावना रखते हों।उन्होंने विट्ठलभाई के 1926 के उनके इस संदेश को उद्धृत करते हुए बताया कि मुंबई असेंबली में अध्यक्ष पद पर से जो भी रुपया बचता था उसे महात्मा गांधी को राष्ट्रीय खर्च के लिए भेजा करते थे ।मुख्य वक्ता कृष्णा जी ने कहा कि वर्तमान में सत्ता का पद पैसा अर्जित करना और शक्ति प्रदर्शन करना बन गया है ।सत्ता तो बदलती है लेकिन चेहरे वही रहते हैं लेकिन विट्ठल भाई पटेल अपने बचत किए गए दो लाख रुपए सुभाष चंद्र बोस को राष्ट्रीय हित में खर्च करने के लिए दिये। आनंद मोहन सिन्हा ने कहा कि विट्ठल भाई ने गांधी जी को चालीस हजार भेजा तो गांधी जी ने पूछा कि यह पैसा कहां खर्च करेंगे। विट्ठल भाई ने कहा कि आप स्वयं स्वविवेक से रुपया खर्च करें जिसे गांधी जी ने बालिका विद्यालय की स्थापना की। अपने अध्यक्षीय भाषण में डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा ने कहा कि भारत के आम आदमी का औसत वेतन तथा जन प्रतिनिधियों के वेतन में 68%की विषमता है। इसे पाटने के लिए नूतन विचार मंच जन प्रतिनिधि कोष का निर्माण करना तथा जनता को ट्रस्टी बनाकर अपने जनप्रतिनिधि को सादगीपूर्ण जीवन जीने के लिए होने वाले खर्च का वाहन करें और शेष राशि उसे अपने क्षेत्र में शिक्षा,चिकित्सा तथा अन्य समाज उपयोगी कार्य पर हो। इसके लिए जन जागरण अभियान चलाने पर बल दिया गया जिससे कि लोगों को वास्तविक स्थिति की जानकारी हो सके और सामाजिक विषमता दूर किया जा सके।

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