शाहीनबाग ने कोरोना का तोड़ निकाला, धरनास्थल पर लगाये गये 183 तख़्त

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  • अरविंद केजरीवाल को दिया करारा जवाब
  • तू डाल डाल,तो मैं पात-पात

दिल्ली(सुधा)इसको कहते हैं “तू डाल डाल, तो मैं पात पात”.अरविंद केजरीवाल के एलान के बाद शाहीनबाग की महिलाओं ने कोरोना का ज़बरदस्त तोड़ निकाल लिया है.कोरोना वायरस को लेकर दिल्ली सरकार ने कई क़दम उठाये हैं.मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने महामारी को फैलने से रोकने के लिए कुछ उपाय भी सुझाए.जिसमें एक जगह पचास से अधिक लोगों के एकजुट होने पर मनाही की गयी.ज़ाहिर सी बात है केजरीवाल सरकार की फ़रमान की ज़द में शाहीनबाग का प्रदर्शन भी था.जहां सैंकड़ों लोग एक साथ तीन महीने से नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे हैं.

केजरीवाल ने धरना ख़त्म कराने का अच्छा फ़ार्मूला निकाला था कि इसी बहाने धरना ख़त्म हो जायेगा.मगर शाहीनबाग ने इसका भी तोड़ निकाल लिया. केजरीवाल के ऐलान के बाद शाहीन बाग की महिलाओं ने भी प्रदर्शन के तरीका बदल दिया.कोरोना से बचने के लिए अनोखा उपाय खोजा गया है.शाहीन बाग़ में अब तख्त(चौकी) लगा दिए गए हैं .एक तख्त पर 5 से 6 लोग ही बैठ सकते हैं.एक तख़्त से दूसरे तख़्त की दूरी तीन फीट रखी गयी है. धरना में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे टीएम जियाउल हक़ बताते हैं कि कुल 183 तख़्त लगाये गये हैं.

अब धरनार्थी इसी तख़्त पर बैठेंगे.स्थानीय निवासी और इस आंदोलन की सक्रीय सदस्य शाहीन कौसर कहती हैं कि हम क़ानून के रखवाले हैं टूटने नहीं देंगे .ना तो क़ानून और ना ही अपना सम्मान.कौसर कहती हैं जबतक केंद्र सरकार उनकी मांगों को नहीं मान लेती सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ धरना खत्म नहीं होगा .वह कहती हैं कि सरकार के साथ कोरोना को लेकर हम भी चिंतित हैं.इसको लेकर हम भी कारगर क़दम उठा रहे हैं.शाहीनबाग में धरना का 95 वां दिन है.देश में पहला धरना यहीं से शुरू हुआ.

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