बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को साक्षी मानकर रचाई शादी

0
11

•अग्नि के सात फेरे लेने के बजाय अंबेडकर की प्रतिमा के सात फेरे लेकर वर वधु ने सात जन्मों तक एक दूसरे का साथ देने का लिया संकल्प

बेगूसराय ज़िले के बलिया में इस अनोखा शादी की खूब हो रही है चर्चा

बेगूसराय (मोहम्मद कौनैन अली )बिहार के बेगूसराय जिले के बलिया में अनोखा मामला देखने को मिला ,जहां एक तरफ किसी भी धर्म में

वैवाहिक कार्यक्रम उसके धार्मिक रीति रवाज से या संबंधित पवित्र स्थलों जैसे मंदिर,मस्जिद,गुरुद्वारा,चर्च घर में पूरे विधि विधान के साथ होता आया है. वहीं दूसरी ओर बलिया के प्रखंड परिसर के अंबेडकर पार्क स्थित बाबा साहब की प्रतिमा को साक्षी मानकर रचाई गयी आदर्श शादी सुर्खियां बन रही हैं. बीते गुरुवार की देर रात यह मामला सामने आया है.इस शादी समारोह का गवाह अखिल भारतीय रविदास संघ बलिया के कई कार्यकर्ता बने.

खगड़िया जिला के मछरहा निवासी ललन दास ने अपने पुत्र अमित दास की शादी बलिया प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत भगतपुर निवासी प्रकाश दास की पुत्री कल्याणी कुमारी के साथ सभी धर्म स्थलों को छोड़कर बलिया के अंबेडकर पार्क स्थित अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न करा मिसाल पेश की.जो लोगों को काफी हैरान कर देने वाली थी.सबसे बड़ी हैरान कर देने वाली बात तो तब बताया गया जब वर और वधु शादी के परिणय सूत्र में बंधने के बाद अग्नि के सात फेरे लेने के बजाय अंबेडकर की प्रतिमा के साथ फेरे लेकर सातों वचन सात जन्मों तक निभाने का संकल्प लिया .ऐसा पहली बार बेगूसराय जिले में देखने को मिला .जहां महापुरुषों की प्रतिमा को ही साक्षी मानकर वर-वधू ने शादी रचा ली और सात जन्मों तक एक दूसरे का साथ ना छोड़ने का क़सम खाई.

मौके पर उमेश दास, पप्पू दास ,लक्ष्मी दास, बालेश्वर दास, सत्य नारायण दास, मनोज दास, राकेश दास, विजय दास ,सुजीत दास ,नवीन दास ,रामविलास दास समेत अन्य लोग उपस्थित होकर वर-वधू को शुभ आशीष देते हुए उनके मंगल दांपत्य जीवन की कामना की.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here